This Is How We Used To Meet Our Crazy Friends

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This is a photo of our old friend,

A few years ago, we had two ostriches (Shatarmurg) farms at our Sayyad Farm. On each farm, there were 30-40 ostrich. Those who grew up gave big eggs.



The ostrich used to be very naughty since childhood. They used to make different voices while running everywhere on the farm. If we go to meet them, the ostrich comes to meet us with great enthusiasm.

We used to meet them in a funny way. Since their neck is very long, they used to take advantage of it and often used to tease us with a beak. We also learned to meet them like this. As he came closer to touch us with his beak. We would have caught his neck.

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यह हमारे एक पुराने मित्र का फोटो है,

कुछ साल पहले तक हमलोगो के सैय्यद फार्म में शतर्मुर्ग के २ फार्म थे. उनमे से एक फार्म में ऐसे ३०-४० शतर्मुर्ग हमने पाल रक्खे थे. जो बड़े होकर बड़ा सा अंडा देते थे.

शतर्मुर्ग बचपन से ही बहुत नटखट हुआ करते है. वह तरह-तरह की आवाजे निकालते है, दौड़ते है . अगर हम उन्हें मिलने के लिए जाए तो पाले हुए शतर्मुर्ग बडेही उत्साह के साथ हमें मिलने के लिए जमा होकर आते है. 

हमभी मजाकिया अंदाज में उनसे इसीतरह मिला करते थे. चूँकि उनकी गर्दने बहुत लम्बी हुआ करती है तो वह उसका फायदा उठाकर अक्सर हमें चोंच मारकर तंग किया करते थे.  हम लोगोने भी उनसे कुछ इसतरह मिलना सिख लिया. जैसे वह चोच मारने आते.. हम उनकी गर्दने पकड़ लिया करते.

अंदाज ही हमारा दोस्तों से मिलने का कुछ ऐसा था.

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